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Senior Citizen Savings Scheme - सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) 2026

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) – (Senior Citizen Savings Scheme)  भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए बनाई गई एक बचत योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद बुजुर्गों को उनके जीवन भर की कमाई पर सुरक्षित और बेहतर रिटर्न प्रदान करना है।

Senior Citizen Savings Scheme

1.सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) में कौन-कौन निवेश कर सकता है

1. 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक
  • सामान्य तौर पर, (Senior Citizen Savings Scheme) में  कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 60 साल हो चुकी है, वह इस स्कीम में अपना खाता खोल सकता है।

2. स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (VRS) लेने वाले व्यक्ति
  • यदि किसी ने 55 से 60 वर्ष की आयु के बीच रिटायरमेंट या VRS लिया है, तो वे भी इसमें निवेश कर सकते हैं।

  • शर्त: उन्हें रिटायरमेंट बेनिफिट्स (जैसे GPF, ग्रेच्युटी) मिलने के 1 महीने के भीतर ही इस स्कीम में निवेश करना होगा।

3. सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी (Retired Defense Personnel)
  • भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए उम्र सीमा में अधिक छूट है। वे 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस स्कीम में खाता खोल सकते हैं।

  • इनके लिए भी शर्त वही है कि रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों को 1 महीने के भीतर निवेश करना होगा।

4. संयुक्त खाता (Joint Account)
  • आप अपनी पत्नी या पति (Spouse) के साथ मिलकर Joint Account खोल सकते हैं।

  • इसमें खास बात यह है कि जॉइंट अकाउंट में उम्र की पाबंदी केवल पहले खाताधारक (Primary Account Holder) के लिए होती है। दूसरे व्यक्ति की उम्र कितनी भी हो सकती है।

5. हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और NRI
  • NRI (अनिवासी भारतीय): प्रवासी भारतीय इस स्कीम में नया खाता नहीं खोल सकते।

  • HUF: हिंदू अविभाजित परिवार भी इस स्कीम का लाभ नहीं ले सकते।

2. निवेश की सीमा

1. न्यूनतम निवेश (Minimum Investment)
  • इस स्कीम में खाता खोलने के लिए कम से कम ₹1,000 का निवेश करना अनिवार्य है।

  • निवेश की राशि हमेशा 1,000 के गुणक (Multiples) में होनी चाहिए।

2. अधिकतम निवेश (Maximum Investment)
  • एक व्यक्ति इस स्कीम में अधिकतम ₹30,00,000 (30 लाख रुपये) तक जमा कर सकता है।

  • नोट: पहले यह सीमा ₹15 लाख थी, जिसे सरकार ने बजट में बढ़ाकर ₹30 लाख कर दिया है। 2026 में भी यही सीमा लागू है।

3. संयुक्त खाते (Joint Account) की स्थिति
  • यदि पति-पत्नी मिलकर एक जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तब भी अधिकतम निवेश की सीमा ₹30 लाख ही रहेगी।

  • हालांकि, यदि पति और पत्नी दोनों अलग-अलग (Individual) पात्रता रखते हैं, तो वे अलग-अलग खाते खोलकर कुल ₹60 लाख (30 लाख प्रत्येक) तक का निवेश कर सकते हैं।

4. निवेश का स्रोत (Source of Funds)
  • जो व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद (55-60 वर्ष की आयु में) निवेश कर रहे हैं, उनके लिए निवेश की राशि उनके रिटायरमेंट बेनिफिट्स (जैसे ग्रेच्युटी, पीएफ, लीव एनकैशमेंट) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

3. ब्याज दर (Interest Rate)

वर्ष 2026 की वर्तमान तिमाही के अनुसार, SCSS पर 8.2% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिल रहा है। यह दर भारत सरकार की अन्य बचत योजनाओं और अधिकांश बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना में काफी अधिक है।

1. ब्याज का निर्धारण (Quarterly Revision)

भारत सरकार हर तीन महीने (प्रत्येक तिमाही) में इस योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और उनमें बदलाव कर सकती है।

  • तिमाही चक्र: जनवरी-मार्च, अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, और अक्टूबर-दिसंबर।

2. लॉक-इन ब्याज (Fixed for Tenure)

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जिस दिन आप अपना खाता खोलते हैं, उस समय जो ब्याज दर चल रही होती है, वही दर पूरे 5 साल (मैच्योरिटी) तक बनी रहती है। भले ही बाद में सरकार ब्याज दरें घटा दे, आपको शुरू में तय की गई दर पर ही पैसा मिलता रहेगा।

3. ब्याज का भुगतान (Payment Cycle)

ब्याज का भुगतान वार्षिक नहीं बल्कि तिमाही (Quarterly) आधार पर किया जाता है। ब्याज की राशि आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में इन तारीखों पर जमा होती है:

  • 1 अप्रैल

  • 1 जुलाई

  • 1 अक्टूबर

  • 1 जनवरी

4. ब्याज की गणना का उदाहरण

अगर आप ₹10,00,000 (10 लाख) निवेश करते हैं:

  • वार्षिक ब्याज (8.2%): ₹82,000

  • तिमाही ब्याज (हर 3 महीने में): ₹20,500

Note – मैच्योरिटी: इस स्कीम की अवधि 5 साल है।
Note – विस्तार: मैच्योरिटी के बाद आप इसे 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं।

4. टैक्स लाभ (Tax Benefits)

1. निवेश पर टैक्स छूट (Section 80C)
  • आयकर अधिनियम की धारा 80C: SCSS में जमा की गई राशि पर आप एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती (Deduction) का दावा कर सकते हैं।

  • इसका मतलब है कि यदि आप ₹1.5 लाख इस स्कीम में जमा करते हैं, तो आपकी कुल कर योग्य आय (Taxable Income) में से यह राशि कम कर दी जाएगी।

2. ब्याज पर टैक्स (Tax on Interest)
  • TDS (Tax Deducted at Source): SCSS से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। यदि एक वित्तीय वर्ष में आपका कुल ब्याज ₹50,000 से अधिक है, तो बैंक या पोस्ट ऑफिस भुगतान करने से पहले TDS काट लेते हैं।

  • TDS की दर: आमतौर पर यह 10% होती है।

3. TDS से कैसे बचें? (Form 15H)

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने TDS से बचने का एक विशेष प्रावधान दिया है:

  • यदि आपकी कुल वार्षिक आय (ब्याज मिलाकर) टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में Form 15H जमा कर सकते हैं।

  • यह फॉर्म जमा करने के बाद, बैंक आपका TDS नहीं काटेगा और आपको पूरा ब्याज मिलेगा।

4. पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था (Old vs New Tax Regime)
  • पुरानी व्यवस्था (Old Regime): इसमें आपको 80C के तहत ₹1.5 लाख की छूट का लाभ मिलता है।

  • नई व्यवस्था (New Regime): यदि आप नई टैक्स व्यवस्था चुनते हैं, तो आपको 80C के तहत मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

5. Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) में खाता कैसे खोलें?

आप अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दी गई किसी भी जगह जाकर खाता खुलवा सकते हैं:

  • डाकघर (Post Office): भारत के किसी भी नजदीकी डाकघर में।

  • बैंक (Banks): सभी प्रमुख सरकारी बैंक (जैसे SBI, PNB, BOB) और निजी बैंक (जैसे ICICI, HDFC, Axis बैंक) यह सुविधा देते हैं।


– जरूरी दस्तावेज (Documents Required)

खाता खोलते समय आपको इन कागजातों की जरूरत पड़ेगी:

  • आवेदन फॉर्म: पोस्ट ऑफिस या बैंक से प्राप्त ‘Form A’।

  • आयु का प्रमाण (Age Proof): पैन कार्ड (PAN Card), वोटर आईडी, पासपोर्ट या बर्थ सर्टिफिकेट।

  • पहचान और पता प्रमाण: आधार कार्ड (Aadhar Card)।

  • फोटोग्राफ: 2 पासपोर्ट साइज फोटो।

  • रिटायरमेंट का प्रमाण (VRS वालों के लिए): नियोक्ता (Employer) से मिला प्रमाण पत्र और रिटायरमेंट फंड मिलने की तारीख का सबूत।

–  खाता खोलने की स्टेप-बाइ-स्टेप प्रक्रिया

  1. फॉर्म भरें: बैंक या पोस्ट ऑफिस से SCSS फॉर्म लें और उसमें अपनी सभी जानकारी भरें।

  2. नॉमिनी चुनें: फॉर्म में अपने वारिस (Nominee) का नाम जरूर भरें।

  3. दस्तावेज जमा करें: फॉर्म के साथ अपने केवाईसी (KYC) दस्तावेजों की फोटोकॉपी लगाएं।

  4. पैसे जमा करें: * ₹1 लाख से कम राशि है तो नकद (Cash) दे सकते हैं।

    • ₹1 लाख से ज्यादा राशि के लिए आपको चेक (Cheque) या डिमांड ड्राफ्ट (DD) देना होगा।

  5. पासबुक प्राप्त करें: प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक पासबुक दी जाएगी, जिसमें आपके निवेश और ब्याज की जानकारी होगी।


– ध्यान रखने योग्य बातें 

  • बचत खाता अनिवार्य: SCSS का ब्याज प्राप्त करने के लिए आपका उसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। ब्याज का पैसा हर 3 महीने में अपने आप उसी खाते में आ जाता है।

  • ऑनलाइन सुविधा: आजकल कई बैंक (जैसे SBI, ICICI) नेट बैंकिंग के जरिए भी SCSS खाता खोलने की सुविधा देते हैं, जिससे आपको ब्रांच जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

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Details In English – Senior Citizen Savings Scheme

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